पिछले संस्करण
By Sushil Shukla, Harshal Korhale | ८ मिनट पढ़ें | २५ सितंबर २०२५
Practices
बाल साहित्य में पत्रिकाओं के महत्त्व, उनके निर्माण की प्रक्रिया और बाल साहित्य के मापदण्डों व अवधारणाओं पर साइकिल व प्लूटो पत्रिकाओं के सम्पादक सुशील शुक्ल से हर्षल कोरहाले की बातचीत का दूसरा अंश।
By Nayan Mehrotra | ८ मिनट पढ़ें | ५ सितंबर २०२५
यह लेख पुस्तकालयों में विविध पुस्तकों को शामिल करने की चुनौतियों और संभावनाओं पर केंद्रित है। इसमें लाइब्रेरियन की भूमिका, अभिभावकों की प्रतिक्रियाओं और बच्चों के साथ संवाद की अहमियत पर बात की गई है।
By Sushil Shukla, Harshal Korhale | ८ मिनट पढ़ें | ५ सितंबर २०२५
बाल साहित्य में पत्रिकाओं के महत्त्व, उनके निर्माण की प्रक्रिया और बाल साहित्य के मापदण्डों व अवधारणाओं पर साइकिल व प्लूटो पत्रिकाओं के सम्पादक सुशील शुक्ल से हर्षल कोरहाले की बातचीत का पहला अंश।